जमशेदपुर 27 April 2024 ,बीते शुक्रवार देर रात घाघीडीह सेंट्रल जेल में अचानक पुलिस-प्रशासन की छापेमारी से हड़कंप मच गया. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस छापेमारी में जेल के विभिन्न वार्डों की सघन तलाशी ली गई. खास बात यह रही कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पहली बार डॉग स्क्वायड का भी इस्तेमाल किया गया.
छापेमारी की अगुवाई कौन कर रहे थे?

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जानकारी के अनुसार, इस छापेमारी का नेतृत्व शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किया. इसमें शामिल थे-

मुकेश कुमार लुनायत (सीटी एसपी)
पारुल सिंह (एसडीओ)
दंडाधिकारी
अंचलाधिकारी
डीएसपी विधि-व्यवस्था
सभी थानों के थाना प्रभारी
दो बसों में लाया गया भारी पुलिस बल
महिला पुलिसकर्मी भी छापेमारी अभियान का हिस्सा रहीं
छापेमारी का मकसद क्या था?

फिलहाल जेल प्रशासन की तरफ से छापेमारी के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया गया है. हालांकि, दो तरह की चर्चाएं आम सुनने में आ रही हैं-

चुनाव पूर्व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा: जिला प्रशासन का कहना है कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जेल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना ही इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य था.
किसी खास इनपुट के बाद कार्रवाई: वहीं दूसरी ओर, कुछ सूत्रों का दावा है कि पुलिस को जेल के अंदर किसी खास गतिविधि की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह छापेमारी की गई.
क्या कुछ बरामद हुआ?

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, डेढ़ घंटे तक चली इस छापेमारी में पुलिस को कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है. हालांकि, इस घटना से जेल के कैदियों में कुछ देर के लिए खलबली जरूर मच गई.इस छापेमारी का क्या महत्व है?

जेलों में अपराधियों के बीच नशीले पदार्थों और मोबाइल फोन के पहुंचने की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं. ऐसे में जमशेदपुर जेल में हुई यह छापेमारी जेल प्रशासन की ओर से उठाया गया एक सख्त कदम माना जा रहा है. यह कदम जेल के अंदर अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में कितना कारगर होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.


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