जमशेदपुर, 3 फरवरी, 2024: ऑल इंडिया स्टील मेडिकल ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (AISMOC 2024) के 43वें संस्करण का आज औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में चाणक्य चौधरी, वाईस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट सर्विसेज, टाटा स्टील ने किया। कार्यक्रम का आयोजन टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज डिवीजन द्वारा किया गया है।

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श्री चौधरी ने एस्मॉक कॉन्फ्रेंस का समर्थन करने में अपनी उत्सुकता जतायी। चौधरी द्वारा उद्घाटन समारोह के दौरान एस्मॉक स्मारिका, टीएमएच क्लीनिक और टीएमएच न्यूज़लेटर का भी विमोचन किया गया, जिसमें एवीएम डॉ. सुधीर राय, जेनरल मैनेजर, मेडिकल सर्विसेज, टाटा स्टील, डॉ. मिनाक्षी मिश्रा, प्रेसिडेंट क्लिनिकल सोसाइटी ऑफ टाटा मेन हॉस्पिटल और 43वें एस्मॉक आयोजन की सचिव, डॉ. नीलम मेहता, क्लिनिकल सोसाइटी टीएमएच की सचिव और एस्मॉक की सह-आयोजन सचिव उपस्थित थीं।

 

दिन का शुरुआत 43वें एस्मॉक

साइंटिफिक प्रोग्राम, टीक्यूएम अवार्ड पेपर सत्र के साथ हुई, जिसमें सात विभिन्न स्टील कंपनियों के डॉक्टरों ने भाग लिया। दो और अवार्ड पेपर सत्र – शार्ट पीजी पेपर और पीजी पोस्टर श्रेणी भी आज आयोजित किए गए।

दिन के दौरान तीन अतिथि व्याख्यान आयोजित किए गए। पहला व्याख्यान मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के प्रख्यात मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय पांडे द्वारा “लिंग पुनर्निर्धारण: स्वास्थ्य सेवा समय की आवश्यकता” पर था। दूसरा व्याख्यान सीएमसी अस्पताल, वेल्लोर के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और इम्यूनोहेमेटोलॉजी विभाग के प्रोफेसर, प्रख्यात हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. सुकेश नायर द्वारा दिया गया। उन्होंने ‘असामान्य रक्तस्राव’ पर बात की। तीसरा व्याख्यान बैंगलोर के आनुवंशिकीविद् डॉ. अनुप कुमार रावूल का था। उनका विषय था “गर्भाधान से बचपन तक: प्रसवपूर्व और बाल चिकित्सा देखभाल में आनुवंशिक यात्रा को नेविगेट करना”।

द गोल्डन आवर पर संगोष्ठी में डॉ मांदर एम शाह (कार्डियोलॉजिस्ट, टीएमएच) ने भाग लिया, जिन्होंने एसीएस पर बात की, डॉ अमित कुमार साहू (बोकारो स्टील प्लांट) ने सेप्सिस पर बात की, डॉ अजीत कर्माकर (दुगापुर स्टील प्लांट) ने स्ट्रोक पर बात की और डॉ. मनोज पाणिग्रही (राउरकेला स्टील प्लांट) ने ट्रॉमा विषय पर बात की।

प्रो-कॉन डिबेट एक और दिलचस्प सत्र था जहां भाग लेने वाले छह इस्पात संयंत्रों के मेडिकल डिवीजनों के सभी प्रमुखों ने विभिन्न विषयों पर बात की। उनमें डॉ. प्रकाश केएच, वाईजैग स्टील प्लांट, डॉ. सौभिक रॉय, दुर्गापुर स्टील प्लांट, डॉ. बिरंची कुमार होता, राउरकेला स्टील प्लांट, डॉ. सुशांत सिन्हा, बर्नपुर स्टील प्लांट, डॉ. सुधीर राय, टीएमएच, डॉ. रवींद्रनाथ एम, भिलाई स्टील प्लांट, डॉ. के एस सुजीत कुमार, भद्रावती स्टील प्लांट और डॉ. अनिंदा मंडल, बोकारो स्टील प्लांट शामिल थे। विषयों में एकीकृत चिकित्सा: समय की आवश्यकता, जेनेरिक दवाएं या ब्रांडेड दवाएं- दौड़ में कौन जीतता है, रोबोटिक सर्जरी- प्रचार या वरदान, और सम्मेलन में फार्मास्यूटिकल्स- वरदान या अभिशाप शामिल थे।

डॉ. सौम्यदीप चटर्जी ने निमोनिया और बैक्टेरिमिया से पीड़ित गंभीर रूप से बीमार रोगियों में सिंड्रोमिक परीक्षण पर बात की, जबकि डॉ. भारती शर्मा, एचओडी नेत्र विज्ञान, टीएमएच ने कंप्यूटर समर्थित मोतियाबिंद सर्जरी पर बात की।


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