मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक ऐसा राज्य है, जो खनिज संसाधनों के मामले में काफी सम्पन्न है। लेकिन, अफसोस इस बात का है कि इसका फायदा इस राज्य को नहीं मिल रहा है। आज भी यहां के ग्रामीण इलाकों की स्थित अच्छी नहीं है। ग्रामीण वर्षों से तरह-तरह की समस्याओं और परेशानियों को झेलते आ रहे हैं। यही वजह है कि जब हेमन्त सोरेन ने वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री का पद सम्भाला, तो तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाये। हमारा प्रयास है कि शहरों की तरह गांवों में भी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के माध्यम से शहर और गांवों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ायी जा रही है।
राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पूर्व मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल में विकास और जनकल्याण के लिए जो नीतियां और योजनाएं बनायीं, उसे और प्रभावी एवं बेहतर ढंग से धरातल पर उतारने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन बुधवार को सरायकेला-खरसावां के गम्हरिया प्रखंड स्थित अपने पैत्रिक गांव जिलिंगगोड़ा में मीडिया को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि झारखंड को अगर आगे ले जाना है, तो यहां की सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली-पानी, सड़क समेत तमाम आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जायेगा। यहां औद्योगिक समूहों को सरकार की ओर से कई रियायत तथा सुविधाएं दी जायेंगी। लेकिन, तमाम कम्पनियों और संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्थानीयों को 75 प्रतिशत नौकरी देनी होगी। सरकार ने इस बाबत जो कानून बनाया है, उसे हर हाल में पालन करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार समुचित कदम उठा रही है।

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