पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर के म्युनिसिपलिटी हरिजन बस्ती क्षेत्र के एक मकान से पुलिस ने नकली शराब बनाने की फेक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. यहाँ से पुलिस ने भारी मात्रा में बड़े बड़े ब्रांड के नकली शराब से भरी बोतलें बरामद की है. वहीं नकली शराब बनाने के तमाम सामानों की भी बरामदगी हुई है. जिन सामानों की बरामदगी हुई है उसमें झारखण्ड सरकार का शराब की बोतलों में लगने वाला स्टीकर भी शामिल है. पुलिस ने इस मामले में चार युवकों को हिरासत में लिया है और चारों युवकों से पुलिस की पूछताछ जारी है.चक्रधरपुर के सरकारी लाइसेंसी विदेशी शराब दुकानों में नकली शराब मिलने की शिकायत कोई नयी नहीं है. आये दिन लोग इस तरह की शिकायत करते रहे हैं की चक्रधरपुर में नकली शराब धड़ल्ले से बिक रही है. लेकिन आजतक इस मामले में ना तो कभी गंभीरता से जांच हुई और ना ही कोई कार्रवाई के लिए ठोस कदम बढ़ाये गए थे. लेकिन रविवार के दिन चक्रधरपुर पुलिस की कार्रवाई ने सभी के होश उड़ा दिए हैं. चक्रधरपुर के बीच शहर के पौष इलाके में स्थित म्युनिसिपलिटी हरिजन बस्ती क्षेत्र के एक मकान से पुलिस ने नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का उद्भेदन किया है.

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चक्रधरपुर के एएसपी पारस राणा ने बताया है की उन्हें गुप्त सूचना मिली थी की चक्रधरपुर के म्युनिसिपलिटी हरिजन बस्ती क्षेत्र के स्वर्गीय रघुनाथ साव के मकान में नकली शराब बनाया जा रहा है. इस सूचना पर पुलिस ने एक छापामारी टीम का गठन किया और रविवार सुबह संदिग्ध मकान में पुलिस ने छापामारी की. छापामारी टीम का नेतृत्व चक्रधरपुर थाना प्रभारी राजीव रंजन कर रहे थे. इस छापेमारी में पुलिस ने मकान के तीन कमरों से बड़े बड़े ब्रांडेड विदेशी शराब के भारी मात्रा में नकली शराब से भरी बोतलें बरामद की है. इसके अलावे पुलिस ने नकली शराब बनाने के लिए प्रयोग में लायी जा रही बोतलें, ढक्कन, पैकिंग का औजार, बड़े बड़े ब्रांडेड शराब के रेपर, शराब की बोतलों में लगने वाला झारखण्ड सरकार का स्टीकर सहित अन्य सामग्री बरामद की है.

सबसे खास बात यह है की जिस मकान में नकली शराब बनाने का भंडाफोड़ हुआ है उस मकान में लाइसेंसी विदेशी शराब दूकान में काम करने वाले सेल्समैन ही किराए पर रहते थे. आरोप है की सेल्समैन के द्वारा ही नकली शराब की यह मिनी फैक्ट्री यहाँ चलायी जा रही थी. ये सभी सेल्समैन चक्रधरपुर सोनुआ बस स्टैंड और भगत सिंह चौक के पास स्थित लाइसेंसी शराब दुकान के सेल्समैन और कर्मचारी थे. पुलिस ने मकान में रहने वाले चार शराब सेल्समैन को हिरासत में ले लिया है. पुलिस चारों से पूछताछ कर इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों की खोज में जुट गयी है. नकली शराब बनाने और बेचने के इस काले कारोबार में शामिल मुख्य सरगना तक पहुंचने की कोशिश पुलिस कर रही है. जाहिर है की चक्रधरपुर ही नहीं बल्कि पुरे पश्चिम सिंहभूम जिले में धड़ल्ले से नकली शराब सरकार के ही लाइसेंसी शराब दुकानों में बेचीं जाती है. शराब की कीमत भी 20 रूपये से लेकर 50 रुपये तक सेल्समैन के द्वारा रंगदारी की तरह अधिक वसूली जाती है.

ऐसे में सवाल उठता है की नकली शराब बनाने से लेकर बेचने तक के लिए वो कौन लोग हैं जो इन सेल्समैन को ताकत देते हैं. उन नकली शराब माफिया सरगनाओं को ढूँढना और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनती है. नकली शराब सेवन से किसी की जान भी जा सकती है, वहीं नकली शराब के बेचे जाने से सरकार को राजस्व का भी भारी पैमाने पर आर्थिक नुकसान हो रहा है. लेकिन इसके बावजूद पुरे जिले में नकली शराब बनाने से लेकर बेचने का काला कारोबार धड़ल्ले से ही नहीं बल्कि बड़े पैमाने में चल रहा है. अब चक्रधरपुर में नकली शराब बनाने की मिनी फैक्ट्री के हुए इस भंडाफोड़ के बाद लोग नकली शराब बनाने और बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इधर छापामारी की खबर शहर में आज की तरफ फैलते ही लाइसेंस दुकानदार का सेल्समेन को बदल दिया गया है। जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।


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