राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर में राष्ट्रींग शिक्षा नीति 2020 पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन दिनांक 03-02-2024 को संस्थान परिसर में संम्पन्न हुआ। कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य जमशेदपुर एवं आसपास के तकनीकी संस्थानों के शिक्षको एवं शोधाथियों के बीच नई शिक्षा नीति के अंतर्गत हुए बदलावों एवं उनकी महत्ता पर जागरुक करना था।

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इस कार्यशाला का एक प्रमुख पहलु औद्योगिकरण के वर्तमान दौर मे कैसे हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत हुए बद‌लावों को समाहित कर सकते है। उद्‌घाटन सत्र के मुख्य अतिथि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० ओंकार सिंह थे। उन्होंने प्रयोगात्मक पहलू एवं उसके औद्योगिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला एवं उसकी नई शिक्षा नीति के साथ तारतम्यता को रेखांकित किया।

दूसरे सत्र को प्रो० अमरेश कुमार ने संबोधित किया एवं नई शिक्षा नीति के अंतर्गत हुए शैक्षणिक नियमों के बदलाव एवं उनके सारथकता पर अपना व्यखयान केन्द्रित रखा। विभिन्न विषयों के आयामों एवं प्रतिबंधिता से मुक्त करने वाला यह नई शिक्षा नीति है जो कि बच्चो को औद्योगिक बदलाओ के अनुसार विकसित करेगा और उनमे सिखने की ललक को उजागर करता है ।अगले सत्र को हरियाणा कौशल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो० राठौर ने संबोधित किया।

उन्होने अंतःविषय शिक्षा एवं विषय के आवंटन मे लचीलापन, जो कि नई शिक्षा नीति द्वारा प्रदान किया जाता है पर विशेष बल दिया। यह कार्यशाला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित हो रहा है। कार्यशाला के उद्‌घाटन के समय श्री मुनीश जौहरी प्रमुख, जिंदल पॉवर संस्थान रायगढ़ विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यशाला में अधिष्ठाता, शोध प्रो० एम. के. सिन्हा , प्रो० संजय, विभागाध्यक्ष यांत्रिकी विभाग, कुलसचिव कॉनल एन. के. राय, सहित समस्त शिक्षक उपस्थित थे। कार्यशाला का आयोजन प्रो० सतीश कुमार के संयोजगत्व में हुआ। इस कार्यशाला में कुल 75 प्रतिभागीयों ने भाग लिया।


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