टाटा स्टील की नोआमुंडी आयरन माइन को खदानों के ए-1 समूह में समग्र प्रदर्शन श्रेणी में विजेता घोषित किया गया।
विजया-II आयरन माइन को व्यवस्थित और वैज्ञानिक खनन में विजेता घोषित किया गया।
दोनों खदानों ने कुल 10 पुरस्कार जीते।
ये पुरस्कार टाटा स्टील की खनन गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
विवरण:

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टाटा स्टील की झारखंड स्थित लौह अयस्क खदानों को 25वें खान पर्यावरण और खनिज संरक्षण (एमईएमसी) 2023-24 के अंतिम दिन 10 पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार समारोह ओडिशा के भुवनेश्वर में भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) द्वारा आयोजित किया गया था।पुरस्कारों की सूची:

नोआमुंडी आयरन माइन:
खदानों के ए-1 समूह में समग्र प्रदर्शन में विजेता
खनिज संरक्षण में विजेता (ए-1 समूह)
खनिज लाभकारी में विजेता (ए-1 समूह)
सतत विकास में विजेता (ए-1 समूह)
वनरोपण और पुनर्ग्रहण एवं पुनर्वास में उपविजेता (ए-1 समूह)
विजया-II आयरन माइन:
व्यवस्थित और वैज्ञानिक खनन में विजेता
अपशिष्ट डंप प्रबंधन में उपविजेता (ए-1 समूह)
प्रचार और प्रचार में उपविजेता (ए-1 समूह)पुरस्कारों का महत्व:

ये पुरस्कार टाटा स्टील की खनन गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। कंपनी खनन क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और अपने परिचालन के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

यह पुरस्कार झारखंड राज्य के लिए भी गर्व की बात है, क्योंकि यह दर्शाता है कि राज्य में खनन गतिविधियों को जिम्मेदारी से और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से किया जा सकता है।टाटा स्टील की प्रतिबद्धता:

टाटा स्टील दुनिया भर में फैले अपने परिचालन के माध्यम से टिकाऊ खनन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उच्चतम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रमाणित, कंपनी उन्नत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कच्चे माल की दक्षता और संरक्षण सुनिश्चित करती है।


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